अंग्रेज़ भी सत्याग्रहियों के साथ बातचीत करते थे। पता नहीं भाजपा किस अहंकार में जी रही है?
अरुण जेटली जी ब्लॉग लिखते पर मुद्दें की बात नहीं करते हैं।